Friday, 15 January 2016

'पीरियड्स' पर बोली परिणीति, मैने

बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने पीरियड्स पर अपने बयान में कहा कि, मैं एक छोटे से शहर से आई हूं, जहां आज भी पीरियड्स पर कई
तर्कहीन मान्यताएं मौजूद हैं। बेहद जरूरी है कि इन मान्यताओं को तोड़ा जाए।
अभिनेत्री ने ये बात रविवार को 'विस्पर अल्ट्राज् सैनिटरी पैड्स' के लॉन्च अवसर पर कही। इस अवसर पर परिणीति ने अपने बचपन की कुछ यादें साझा करते हुए कहा कि, उनकी दादी भी उन्हें इससे जुड़ी ऐसी ही कुछ सलाहें देती थीं।
जैसे कि अचार न छूए या फिर मंदिर में प्रवेश न करे और बाल धोने जैसी मान्यताओं का पालन करने के लिए कहा जाता था।
परिणीति ने कहा कि उन्हें लगता था कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है इसलिए उन्हें ऐसे किसी नियमों से न बांधा जाए। परिणीति के अनुसार हम एक शिक्षित देश में रहते हैं। हम भले ही काफी मामलों में विकसित हो गए हों, लेकिन इन मामलों में आज भी बेहद पीछे हैं।
ऐसी बातें केवल हमारे देश में ही होती हैं। हमें इन पुरानी मान्यताओं से आगे बढ़ना चाहिए। आज के दौर में ऐसी बातें करना मूर्खता है।

करिश्मा के पति ने किया खुलासा और कहा करिश्मा ने उनसे इस वजह से की थी शादी -:

करिश्मा के पति ने किया खुलासा और कहा करिश्मा ने उनसे इस वजह से की थी शादी -:

मुंबई .

बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने संजय कपूर से शादी पैसों के लिए रचाई और अपने एशोआराम के लिए बड़ी ही चालाकी से उन्हें उनके परिवार से दूर कर दिया। यह दावा बांद्रा फैमिली कोर्ट में संजय की तरफ से दायर नई याचिका में किया गया है।
मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में कहा गया है करिश्मा पत्नी और बहु की जिम्मेदारी निभाने में असफल रहीं और एक मां के दायित्व को भी ठीक से नहीं समझ सकीं।
याचिक में संजय ने दावा किया है कि करिश्मा बच्चों का इस्तेमाल कर रही है ताकि वह मुझसे ज्यादा से ज्यादा पैसे मांग कर सकें। उन्होंने करिश्मा पर आरोप लगाया कि करिश्मा ने बच्चों को भी उनके बीमार पिता से नहीं मिलने दिया और मिलने की आखिरी उम्मीद के साथ ही 6 महीने पहले ही दम तोड़ दिया।
वहीं दूसरी ओर करिश्मा कपूर के वकील क्रांति साठे ने संजय की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है और कहा हम कोर्ट में कहेंगे कि वह झूठी कहानियां गढ़कर बच्चों की स्थिति बिगाड़ रहे हैं, जिसका असर उन पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमे मामले में किसी तरह का मीडिया ट्रायल नहीं चाहिए।

करीना ने खोल दी पोल,सलमान से काम मांगने के लिए ये करती हैं फेमस एक्ट्रेस भी,,,

हाल ही में करीना कपूर ने एक ऐसा राज खोल दिया है, जिसने कई हीरोइनों की नींद उड़ा दी है। खबरों में आए करीना के एक बयान के अनुसार बॉलीवुड की कई हीरोइनें सलमान खान को फोन पर मैसेज भेज उनसे काम मांगती हैं। इनमें से कई तो ऐसी हैं जिनके साथ सलमान कभी काम तक नहीं करना चाहते। करीना के अनुसार खुद सलमान ने उन्हें यह बात बताई है और हीरोइनों के मैसेज तक दिखाए हैं। करीना ने बताया है कि देर रात तक हीरोइनें सलमान को मैसेज भेजती हैं। करीना यहां तक कहने से नहीं चूकीं कि मैजेस भेजने वाली कई हीरोइनें तो बड़ी फेमस और सक्षम भी हैं। उन्होंने यह भी राज खोला कि सलमान के साथ काम करने की इच्छा लेकर हीरोइनें उनके घर के चक्कर तक लगाती हैं

Saturday, 2 January 2016

और चाँद फूट गया !!!!!

आशीष और रोहित के घर आपस में मिले हुए थे। रविवार के दिन वे दोनों बड़े सवेरे उठते ही बगीचे में आ पहुँचे।
" तो आज कौन सा खेल खेलें ?" रोहित ने पूछा। वह छह वर्ष का था और पहली कक्षा में पढ़ता था।
"कैरम से तो मेरा मन भर गया। क्यों न हम क्रिकेट खेलें ?" आशीष ने कहा। वह भी रोहित के साथ पढ़ता था।
"मगर उसके लिये तो ढेर सारे साथियों की ज़रूरत होगी और यहाँ हमारे तुम्हारे सिवा कोई है ही नहीं।" रोहित बोला।
वे कुछ देर तक सोचते रहे फिर आशीष ने कहा, "चलो गप्पें खेलते हैं।"
"गप्पें? भ़ला यह कैसा खेल होता है?" रोहित को कुछ भी समझ में न आया।
"देखो मैं बताता हूँ आ़शीष ने कहा, "हम एक से बढ़ कर एक मज़ेदार गप्प हाँकेंगे। ऐसी गप्पें जो कहीं से भी सच न हों। बड़ा मज़ा आता है इस खेल में। चलो मैं ही शुरू करता हूँ यह जो सामने अशोक का पेड़ है ना रात में बगीचे के तालाब की मछलियाँ इस पर लटक कर झूला झूल रही थीं। रंग बिरंगी मछलियों से यह पेड़ ऐसा जगमगा रहा था मानो लाल परी का राजमहल।"
अच्छा! रोहित ने आश्चर्य से कहा, "और मेरे बगीचे में जो यूकेलिप्टस का पेड़ है ना इ़स पर चाँद सो रहा था। चारों ओर ऐसी प्यारी रोशनी झर रही थी कि तुम्हारे अशोक के पेड़ पर झूला झूलती मछलियों ने गाना गाना शुरू कर दिया।"
"अच्छा! कौन सा गाना?" आशीष ने पूछा। "वही चंदामामा दूर के पुए पकाएँ बूर के।" रोहित ने जवाब दिया।
"अच्छा! फिर क्या हुआ?"
"फिर क्या होता, मछलियाँ इतने ज़ोर से गा रही थीं कि चाँद की नींद टूट गयी और वह धड़ाम से मेरी छत पर गिर गया।"
"फिर?"
"फिर क्या था, वह तो गिरते ही फूट गया।"
"हाय, सच! चाँद फूट गया तो फिर उसके टुकड़े कहाँ गये?" आशीष ने पूछा।
वे तो सब सुबह-सुबह सूरज ने आकर जोड़े और उनपर काले रंग का मलहम लगा दिया। विश्वास न हो तो रात में देख लेना चाँद पर काले धब्बे ज़रूर दिखाई देंगे।"
अच्छा ठीक है मैं रात में देखने की कोशिश करूँगा।" आशीष ने कहा। वह एक नयी गप्प सोच रहा था।
"हाँ याद आया, आशीष बोला, "पिछले साल जब तुम्हारे पापा का ट्रांसफर यहाँ नहीं हुआ था तो एक दिन खूब ज़ोरों की बारिश हुई। इतनी बारिश कि पानी बूँदों की बजाय रस्से की तरह गिर रहा था। पहले तो मैं उसमें नहाया फिर पानी का रस्सा पकड़ कर ऊपर चढ़ गया। पता है वहाँ क्या था?"
"क्या था?" रोहित ने आश्चर्य से पूछा।
"वहाँ धूप खिली हुई थी। धूप में नन्हें नन्हें घर थे, इन्द्रधनुष के बने हुए। एक घर के बगीचे में सूरज आराम से हरी-हरी घास पर लेटा आराम कर रहा था और नन्हंे-नन्हें सितारे धमाचौकड़ी मचा रहे थे "
"सितारे भी कभी धमाचौकड़ी मचा सकते हैं?" रानी दीदी ने टोंक दिया। न जाने वो कब आशीष और रोहित के पास आ खड़ी हुई थीं और उनकी बातें सुन रही थीं।
"अरे दीदी, हम कोई सच बात थोड़ी कह रहे हैं।" रोहित ने सफाई दी।
"अच्छा तो तुम झूठ बोल रहे हो?" रानी ने धमकाया।
"नहीं दीदी, हम तो गप्पें खेल रहे हैं और हम खुशी के लिये खेल रहे हैं, किसी का नुक्सान नहीं कर रहे हैं।" आशीष ने कहा।
"भला ऐसी गप्पें हाँकने से क्या फायदा जिससे किसी का उपकार न हो। मैने एक गप्प हाँकी और दो बच्चों का उपकार भी किया।"
"वो कैसे ?" दोनों बच्चों ने एक साथ पूछा।
अभी अभी तुम दोनों की मम्मियाँ तुम्हें नाश्ते के लिये बुला रही थीं। उन्हें लगा कि तुम लोग बगीचे में खेल रहे होगे लेकिन मैने गप्प मारी कि वे लोग तो मेरे घर में बैठे पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने मुझसे तुम दोनों को भेजने के लिये कहा हैं।
यह सुनते ही आशीष और रोहित गप्पें भूल कर अपने-अपने घर भागे। उन्हें डर लग रहा था कि मम्मी उनकी पिटाई कर देंगी लेकिन मम्मियों ने तो उन्हें प्यार किया और सुबह-सुबह पढ़ाई करने के लिये शाबशी भी दी। रानी दीदी की गप्प को वे सच मान बैठी थीं।

ईमानदारी

विक्की अपने स्कूल में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को ले कर बहुत उत्साहित था। वह भी परेड़ में हिस्सा ले रहा था।

दूसरे दिन वह एकदम सुबह जग गया लेकिन घर में अजीब सी शांति थी। वह दादी के कमरे में गया, लेकिन वह दिखाई नहीं पड़ी।

"माँ, दादीजी कहाँ हैं?" उसने पूछा

"रात को वह बहुत बीमार हो गई थीं। तुम्हारे पिताजी उन्हें अस्पताल ले गए थे, वह अभी वहीं हैं उनकी हालत काफी खराब है।

विक्की एकाएक उदास हो गया।

उसकी माँ ने पूछा, "क्या तुम मेरे साथ दादी जी को देखने चलोगे? चार बजे मैं अस्पताल जा रही हूँ।"
विक्की अपनी दादी को बहुत प्यार करता था। उसने तुरंत कहा, "हाँ, मैं आप के साथ चलूँगा।" वह स्कूल और स्वतंत्रता दिवस के समारोह के बारे में सब कुछ भूल गया

स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह बहुत अच्छी तरह संपन्न हो गया। लेकिन प्राचार्य खुश नहीं थे। उन्होंने ध्यान दिया कि बहुत से छात्र आज अनुपस्थित हैं।
उन्होंने दूसरे दिन सभी अध्यापकों को बुलाया और कहा, "मुझे उन विद्यार्थियों के नामों की सूची चाहिए जो समारोह के दिन अनुपस्थित थे।"

आधे घंटे के अंदर सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की सूची उन की मेज पर थी। कक्षा छे की सूची बहुत लंबी थी। अत: वह पहले उसी तरफ मुड़े।
जैसे ही उन्होंने कक्षा छे में कदम रखे, वहाँ चुप्पी सी छा गई। उन्होंने कठोरतापूर्वक कहा, "मैंने परसों क्या कहा था?"

"यही कि हम सब को स्वतंत्रता दिवस समारोह में उपस्थित होना चाहिए," गोलमटोल उषा ने जवाब दिया।
"तब बहुत सारे बच्चे अनुपस्थित क्यों थे?" उन्होंने नामों की सूची हवा में हिलाते हुए पूछा।

फिर उन्होंने अनुपस्थित हुए विद्यार्थियों के नाम पुकारे, उन्हें डाँटा और अपने डंडे से उनकी हथेलियों पर मार लगाई।

"अगर तुम लोग राष्ट्रीय समारोह के प्रति इतने लापरवाह हो तो इसका मतलब यही है कि तुम लोगों को अपनी मातृभूमि से प्यार नहीं है। अगली बार अगर ऐसा हुआ तो मैं तुम सबके नाम स्कूल के रजिस्टर से काट दूँगा।"
इतना कह कर वह जाने के लिए मुड़े तभी विक्की आ कर उन के सामने खड़ा हो गया।

"क्या बात है?"

"महोदय, विक्की भयभीत पर दृढ़ था, मैं भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में अनुपस्थित था, पर आप ने मेरा नाम नहीं पुकारा।" कहते हुए विक्की ने अपनी हथेलियाँ प्राचार्य महोदय के सामने फैला दी।

सारी कक्षा साँस रोक कर उसे देख रही थी।
प्राचार्य कई क्षणों तक उसे देखते रहे। उनका कठोर चेहरा नर्म हो गया और उन के स्वर में क्रोध गायब हो गया।

"तुम सजा के हकदार नहीं हो, क्योंकि तुम में सच्चाई कहने की हिम्मत है। मैं तुम से कारण नहीं पूछूँगा, लेकिन तुम्हें वचन देना होगा कि अगली बार राष्ट्रीय समारोह को नहीं भूलोगे। अब तुम अपनी सीट पर जाओ।

विक्की ने जो कुछ किया, इसकी उसे बहुत खुशी थी।

अनोखी तरकीब

बहुत पुरानी बात है। एक अमीर व्यापारी के यहाँ चोरी हो गयी। बहुत तलाश करने के बावजूद सामान न मिला और न ही चोर का पता चला। तब अमीर व्यापारी शहर के काजी के पास पहुँचा और चोरी के बारे में बताया।
सबकुछ सुनने के बाद काजी ने व्यापारी के सारे नौकरों और मित्रों को बुलाया। जब सब सामने पहुँच गए तो काजी ने सब को एक-एक छड़ी दी। सभी छड़ियाँ बराबर थीं। न कोई छोटी न बड़ी।
सब को छड़ी देने के बाद काजी बोला, "इन छड़ियों को आप सब अपने अपने घर ले जाएँ और कल सुबह वापस ले आएँ। इन सभी छड़ियों की खासियत यह है कि यह चोर के पास जा कर ये एक उँगली के बराबर अपने आप बढ़ जाती हैं। जो चोर नहीं होता, उस की छड़ी ऐसी की ऐसी रहती है। न बढ़ती है, न घटती है। इस तरह मैं चोर और बेगुनाह की पहचान कर लेता हूँ।"
काजी की बात सुन कर सभी अपनी अपनी छड़ी ले कर अपने अपने घर चल दिए।
उन्हीं में व्यापारी के यहाँ चोरी करने वाला चोर भी था। जब वह अपने घर पहुँचा तो उस ने सोचा, "अगर कल सुबह काजी के सामने मेरी छड़ी एक उँगली बड़ी निकली तो वह मुझे तुरंत पकड़ लेंगे। फिर न जाने वह सब के सामने कैसी सजा दें। इसलिए क्यों न इस विचित्र छड़ी को एक उँगली काट दिया जााए। ताकि काजी को कुछ भी पता नहीं चले।'
चोर यह सोच बहुत खुश हुआ और फिर उस ने तुरंत छड़ी को एक उँगली के बराबर काट दिया। फिर उसे घिसघिस कर ऐसा कर दिया कि पता ही न चले कि वह काटी गई है।
अपनी इस चालाकी पर चोर बहुत खुश था और खुशीखुशी चादर तान कर सो गया। सुबह चोर अपनी छड़ी ले कर खुशी खुशी काजी के यहाँ पहुँचा। वहाँ पहले से काफी लोग जमा थे।
काजी १-१ कर छड़ी देखने लगे। जब चोर की छड़ी देखी तो वह १ उँगली छोटी पाई गई। उस ने तुरंत चोर को पकड़ लिया। और फिर उस से व्यापारी का सारा माल निकलवा लिया। चोर को जेल में डाल दिया गया।
सभी काजी की इस अनोखी तरकीब की प्रशंसा कर रहे थे।

Jokes of the year !!!!

Superhit jokes
फूलों को फूल पसंद है , दिलों को दिल पसंद है , शायर को शायरी पसंद है , किसी की पसंद से हमें क्या , हमको तो बस आपकी गर्ल फ्रेंड पसंद हैं ..

परिक्षा मे आगे वाले के भरोसे मत बैठिये,
क्या पता आगे वाला अनामत के भरोसे बैठा हो...
😂😂📝📝😂😂

दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो;
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो;
चाहा है उसे चाहत से बड़ कर;
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो!

तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नही पडता
ऐ-दिल
जिनके चाहने वाले ज्यादा हो...

😌आज भी गाँवो में शादी घर वालों की
मर्जी से होती है...
घूँघट उठाने के बाद ही
पता चलता है कि...
बीबी " 😍ऐश्वर्या " है
या 😥जयसूर्या !😛😛

मेरे दिल में ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई..
लोग कहते हैं मेरे दिल में साया है तेरा..🍂🍂

मै तो फना हो गया उसकी एक झलक देखकर,
ना जाने हर रोज़ आईने पर क्या गुजरती होगी..🍃👈

क़ाश कोई ऐसा हो, जो गले लगा कर कहे...!!
तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ होती है....!!